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साले की बीवी ने लंड खड़ा किया

हैल्लो दोस्तों, कैसे हो आप? मेरा नाम सागर है और में पिछले कुछ
सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और वैसी ही एक सच्ची घटना में आज
आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ, जो कुछ समय पहले मेरे साथ घटित हुई और
जिसमें मैंने अपने साले की पत्नी को चोदा, मुझे उसकी चुदाई करने में बहुत
मज़ा आया और मेरे साथ साथ उसने भी बहुत मज़े लिए और अब में वो घटना पूरी
विस्तार से सुनाता हूँ.
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दोस्तों यह बात इसी साल गर्मियों की है, जब मुझे किसी काम से
अकेले अपने गावं कानपुर जाना पड़ा, वहाँ पर मेरा ससुराल भी है. फिर मेरी
पत्नी ने मुझसे बोला कि उसके घर ही रुक जाना तो में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन
से ट्रेन में बैठा और रात को 9 बजे करीब में कानपुर पहुंच गया और में वहाँ
से एक ऑटो करके अपने ससुराल पहुंच गया. मैंने अपने ससुराल वालों को सुबह
ही फोन करके बता दिया था कि में घर पर आने वाला हूँ तो उन्होंने मेरे लिए
खाना पीना सब कुछ पहले से ही तैयार किया हुआ था.
मैंने ऑटो में ही बैठे हुए अपने बेग से दारू की बोतल बाहर
निकाली और उसे पानी की बोतल में डाल दिया और उसे में पीता पीता कुछ देर बाद
अपने ससुराल पहुंच गया. दोस्तों वैसे में हमेंशा दारू अपने साथ ही ले जाता
हूँ, क्योंकि दिल्ली से कानपुर में दारू थोड़ी महंगी भी है और वहाँ की
जल्दी चड़ती भी नहीं है.
फिर में दस बजे अपने ससुराल पहुंच गया, मेरे ससुराल में मेरे
सास, ससुर, साला और उसकी पत्नी रहती है. मेरा साला मेरी पत्नी से छोटा है
और मेरी सास सरकारी नौकर है और ससुर रिटाइर्ड है और वो अपना टाईम पास करने
के लिए खेती करते है, मेरा साला अपनी दुकान चलाता है. फिर में वहाँ पर
पहुंचा तो उन्होंने मेरे लिए मीट बनाया हुआ था, जो मुझे बहुत पसंद है.
मैंने खाना खाया और अपने कमरे में जाकर सो गया. फिर दूसरे दिन
में सुबह उठा तो इन लोगों ने मुझसे मेरा हाल चाल पूछा और मुझसे इधर उधर की
बातें की और एक एक करके सब अपने अपने काम पर चले गये.
उस दिन मैंने पहली बार ध्यान से अपने साले की बीवी को देखा, में
उस समय खुले में नहा रहा था और वो किचन में अपना काम कर रही थी, वो हमेंशा
मेरा घूँघट लेती है, लेकिन किचन में उसने चुन्नी नहीं ली हुई थी और वो उस
समय मेक्सी में थी. में नहाते हुए उसके कुल्हे और साईड से बूब्स देखकर
हैरान रह गया, वो दिखने में पतली थी, लेकिन जहाँ पर माल होता है, वहाँ पर
बहुत मस्त तरीके से था, वो तो दिखने में एक मॉडल सी लगी, मेरा तो उसको दूर
से देखकर लंड खड़ा हो गया, लेकिन मैंने अपने आप पर बहुत कंट्रोल किया और
जल्दी नहा धोकर अपने काम से निकल गया और मुझे जिससे मिलना था, में उसके
ऑफिस पहुंच गया और वहाँ पर जाकर मुझे पता चला कि वो 10-12 दिन बाद वापस
आएगा, वो अपने परिवार के साथ कहीं बाहर गया हुआ है.
फिर में वहाँ से करीब 12 बजे वापस निकल गया और अपनी मौसी के
यहाँ चला गया. उनसे बात करते करते मुझे करीब दो बज गये थे और फिर मेरे पास
फोन आया तो मैंने बात कि तो वो मेरे साले की पत्नी थी और वो मुझसे पूछ रही
थी कि में कब तक वापस आऊंगा मेरे लिए खाना तैयार है. फिर मैंने कहा कि बस
में कुछ देर बाद घर के लिए निकल रहा हूँ और फिर मैंने अपनी मौसी से कहा कि
में अभी चलता हूँ और में शाम को आ जाऊंगा, उन्होंने भी मुझे खाने के लिए
बहुत रोका, लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्होंने मेरे लिए खाना वहाँ पर बना
लिया है, में आपके घर पर खाना फिर कभी खा लूँगा और में वहां से निकल गया और
अपने ससुराल पहुंच गया.
वहाँ जाकर मैंने मुहं हाथ धोए और कमरे में जाकर बैठ गया. मेरे
साले की पत्नी ने मुझे खाना परोसा और मैंने उससे पूछा कि क्या दिन में घर
पर खाना खाने कोई नहीं आता? तो उसने मुझसे कहा कि नहीं सब सुबह अपने साथ
में ही ले जाते हैं और वो मेरे ठीक सामने ही बैठ गई. तब मैंने उससे बोला कि
तुम भी खाना खा लो तो वो मुझसे कहने लगी कि आप खुद ही खा लो में बाद में
खा लूंगी. फिर मैंने थोड़ा ज़ोर दिया तो वो भी अपने लिए खाना निकालकर ले आई
और मेरे साथ में बैठकर खाना खाने लगी.
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अब हम खाना खाते समय आपस में इधर उधर की बातें भी करने लगे और
फिर मैंने उससे पूछा कि तुम यहाँ पर अकेले तो बोर हो जाती होगी? तो उसने
कहा कि सच में यह घर तो अब मुझे काटने को दौड़ता है, इसलिए में दिन भर काम
करके टाईम पास करती हूँ, लेकिन फिर भी मेरा मन नहीं लगता. अब मैंने उससे
पूछा कि घर के सब लोग कब तक आते हैं?
उसने मुझे बताया कि सभी एक एक करके सुबह 8 बजे जाते हैं और 7
बजे सबसे पहले मम्मी जी आती है. उसके बाद 8 बजे तक पापा जी आते है और सबसे
आखरी में मेरा साला रात को 10 बजे तक अपनी दुकान से वापस आ जाता है. तब
मैंने उससे बोला कि यह क्या तुमने खाना खाते वक़्त भी अपना मुहं क्यों ढका
हुआ है, अब तो यहाँ पर हम दोनों के अलावा और कोई नहीं है तो तुम मुझसे अपना
चेहरा क्यों छुपा रही हो, लेकिन वो सब तुम घर वालों के सामने किया करो
अकेले में नहीं, में खुद तुम से कह रहा हूँ कि तुम इसे अपने चेहरे से हटा
लो और एकदम फ्री होकर आराम से खाना खाओ.
दोस्तों उसने मेरे एक ही बार बोलने पर अपनी चुन्नी को उतारकर
अलग रख दी, में तो यह सब देखकर एकदम हैरान हो गया कि मैंने तो उससे सिर्फ़
मुहं से चुन्नी हाटने को कहा था, लेकिन उसने तो चुन्नी को पूरा हटा दिया और
उसके उस समय बड़े गले की मेक्सी पहनी हुई थी, जिसकी वजह से जब वो खाना खाकर
उठी और झुककर प्लेट उठाने लगी, तभी मेरी आखों के बिल्कुल सामने उसके लटकते
हुए गोरे गोरे बूब्स थे, जिनको में चुपके से देख रहा था.
उसने अंदर गुलाबी कलर की ब्रा पहनी हुई थी, लेकिन ज्यादा झुकने
की वजह से उसके बूब्स आधे से ज्यादा उसकी ब्रा से बाहर निकलकर मेरे सामने आ
रहे थे, सिर्फ़ उसकी निप्पल दिखाई नहीं दे रहे थे और उसकी पूरी ब्रा और
बूब्स बिल्कुल साफ दिख रहे थे, उसने भी मुझे उसके बूब्स को देखते हुए देखा,
लेकिन कोई विरोध नहीं किया और उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान जरुर थी और
फिर वो सब बर्तन उठाकर सीधी किचन में मटकती हुई चली गयी. दोस्तों में
बिल्कुल हैरान रह गया और मेरा लंड वो सब देखकर एकदम से खड़ा हो गया, वो
करीब 23-24 साल की होगी.
में अब चारपाई पर लेट गया और में सोचने लगा कि इसको फंसाने की
में कोशिश करूं या नहीं, मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था, क्योंकि अगर उसने मेरा
विरोध किया और कुछ ग़लत हुआ तो मेरी तो ऐसी की तैसी हो जाएगी.
फिर मैंने टी.वी. चालू किया और देखने लगा. फिर थोड़ी देर बाद वो
भी अपना काम खत्म करके मेरे पास आ गई और नीचे जमीन पर बैठकर टी.वी. देखने
लगी.
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फिर मैंने उससे कहा कि तुम नीचे क्यों बैठी हो? पास वाली चारपाई
खींच लो और उस पर बैठ जाओ, उसने पास में रखी दूसरी चारपाई खींची और मेरी
वाली चारपाई के पास में लगाकर वो मेरी तरफ मुहं करके लेट गई, जिसकी वजह से
उसकी छाती दोबारा मेक्सी से बाहर निकलने लगी और मुझे उसके बूब्स ताकने लगे.
अब में कभी उसको देखता तो कभी टी.वी. को और वो भी ऐसा ही कर रही थी और
हल्की हल्की स्माईल दे रही थी. मुझे उसकी हरकतों से आगे बढ़ने का मौका और
हिम्मत मिली.
अब में लगातार उसको देख रहा था और वो भी मेरी आखों में आखें
डालकर मुझे देख रही थी. तभी कुछ देर बाद उसने अपनी नजर को नीचे किया. फिर
मैंने मन ही मन सोचा कि जो भी होगा देखा जायेगा यार और अब मैंने उससे कहा
कि क्या तुम्हें चारपाई चुभ नहीं रही है, तुम इस पर कुछ बिछा लेती. फिर
उसने कहा कि सारे बिस्तर नीचे वाले कमरे में है और मेरे साथ अब नीचे कौन
जाएगा?
मैंने उससे कहाँ कि तुम यहाँ आ जाओ तो वो हंसने लगी और मुझसे
कहने लगी कि अगर किसी ने हमें देख लिया और दीदी को बता दिया तो आपका यहाँ
भी और दिल्ली में भी जीना हराम हो जाएगा. फिर मैंने कहा कि घर के सब लोग तो
शाम तक आते है और दीदी को तो तब पता चलेगा जब कोई हमें देखेगा, में किसी
को पता ही नहीं चलने दूँगा आ जाओ तुम क्यों डरती हो में हूँ ना तुम्हारे
साथ, तुम्हें कोई कुछ नहीं कहेगा और फिर वो मेरी यह बात सुनकर हंसने लगी और
उसने मुझसे कहा कि एक बार और सोच लो. फिर मैंने उससे कहा कि हाँ मैंने सब
कुछ सोच समझकर ही तुम्हें कहा है.
फिर वो तुरंत उठी और मेरी चारपाई पर बैठ गई, में थोड़ा पीछे हो
गया और अब उसने अपने दोनों पैर नीचे कर लिए तो मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ
लेट जाओ ना, तो वो मुझसे मुस्कुराते हुए बोली कि आपको दिक्कत होगी ना. फिर
मैंने उससे पूछा कि ऐसा क्यों? तो वो मुझसे कहने लगी कि आप ही पीछे हो गये
और ज़्यादा पीछे होगे तो नीचे पहुंच जाओगे और वो हंसने लगी.
अब मैंने उससे कहा कि ऐसा नहीं होगा और फिर वो मेरे पास में लेट
गई और अब हम दोनों एक ही चारपाई पर एक दूसरे से सटकर लेट गए और टी.वी.
देखते रहे, में बहुत खुश था और शायद मेरे साथ साथ वो भी मन ही मन बहुत खुश
थी, लेकिन वो मुझसे कुछ कहने से डर रही थी. दोस्तों उसके पास से बड़ी
प्यारी खुशबू आ रही थी और उसके गरम गरम जिस्म को में महसूस कर रहा था,
जिसकी वजह से मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सा जोश आ रहा था.
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में तो अब उसे सूंघकर बिल्कुल मदहोश हो गया और कब 5 बज गए मुझे
पता ही नहीं चला. फिर वो उठी और मुझसे कहने लगी कि में चाय बनाकर लाती हूँ,
में अब उसके चले जाने के बाद पूरी तरह से बहुत गहरी सोच में डूबा हुआ था
और सोच रहा था कि यह उसका बचपना है या फिर वो चालू है, मेरे कुछ भी समझ में
नहीं आ रहा था और फिर ऐसे ही मस्ती मज़ाक करते करते शाम हो गई और धीरे
धीरे सब लोग घर आ गये. फिर में अपनी मौसी के यहाँ पर चला गया और मेरी मौसी
ने शाम के खाने में मेरे लिए मीट बनाया था. तभी मैंने अपने साले को फोन
किया और उससे कहा कि में खाना खाकर आऊंगा, तुम लोग सो जाना में थोड़ा देरी
से घर पर आऊंगा और फिर मैंने फोन पर बात करने के बाद मौसी के घर की छत पर
जाकर दारू पी और में पूरा टाईम उसी के बारे में सोचता रहा.
फिर मैंने नीचे आकर खाना खाया और करीब रात के 11:30 बजे में
अपने ससुराल पहुंचा और मैंने दरवाज़ा खटखटाया थोड़ी देर तक खटखटाने के बाद
मेरे साले की पत्नी दरवाजा खोलने आई और उसने दरवाज़ा खोल दिया. तब मैंने
उससे कहा कि क्या बात है बड़ी देर लगा दी? तो उसने मुझसे कहा कि हम सभी लोग
सो गये थे और वो मेरी शक्ल देखने लगी. मैंने उससे पूछा क्या हुआ? तो उसने
मुझसे कहा कि क्या आप दारू पीते हैं? तो मैंने तुरंत हाँ में अपना सर
हिलाया और अब में थोड़ा नशे की एक्टिंग करने लगा.
फिर मैंने दरवाज़ा बंद किया और सीधा ऊपर जाने लगे और वो उस समय
मेरे ठीक आगे चल रही थी. मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उसकी पतली कमर को
पकड़ लिया और उससे कहा कि आज नशा ज़्यादा हो गया है और हम सीड़ियाँ चड़ने
लगे, लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं कहा, बस चुपचाप मेरे आगे आगे चलती रही. फिर
हम ऊपर गये और वो अपने कमरे में जाने लगी. फिर मैंने उससे कहा कि सुनो वो
मेरे पास आई और कहा कि हाँ बोलो? तो मैंने उससे कहा कि क्या मुझे तुम
शुभरात्रि किस नहीं करोगी? तो वो हंसकर शरमाते हुए अपने कमरे में भाग गयी
और में अपने कमरे में आकर सो गया.
फिर में दूसरे दिन सुबह उठा तो मैंने देखा कि उस समय 11 बज रहे
थे और घर के सभी लोग तब तक नौकरी पर जा चुके थे, घर पर सिर्फ़ वो और में
था, वो मेरे लिए चाय बनाकर ले आई और फिर उसने मुझसे कहा कि आपके कोई कपड़े
धोने के लिए है तो आप मुझे वो दे दो.
फिर मैंने कहा हाँ और मैंने अपनी जीन्स और टी-शर्ट को उसे
उतारकर दे दिया, तो उसने मुझसे मजाक करते हुए कहा कि आप यह कच्चा भी मुझे
दे दो में उसे भी धो दूँगी, तो मैंने भी उससे मजाक करते हुए कहा कि मैंने
अंदर कुछ नहीं पहना है, वो मेरी यह बात सुनकर हंसने लगी और उसने मुझे एक
अंगोछा दे दिया और कहा कि आप इसे पहन लो.
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मैंने तुरंत अपना कच्चा उतारा और अंगोछा पहन लिया, वो लाल कलर
का बहुत छोटा था, में बाहर गया और खुले में उसे पहनकर ब्रश करने लगा और
नहाने को तैयार हुआ तो मैंने देखा कि पानी नहीं है. मैंने उसे आवाज़ दी और
कहा कि मेरे नहाने के लिए पानी नहीं है. फिर उसने कहा कि रूको में अभी मोटर
चलाकर भर देती हूँ और फिर उसने मोटर चालू की और पाईप लेकर ड्रम भरने लगी.
फिर मैंने मजाक में उस पर थोड़ा सा पानी फेंक दिया और उसने पाईप
मेरी तरफ कर दिया और मुझे भीगाने लगी. पानी का प्रेशर इतनी तेज़ था कि
उससे मेरा अंगोछा खुल गया और मुझे पता ही नहीं चला, लंड तो खड़ा ही था और
वो ज़ोर से हंसने लगी तो में सोच रहा था कि हम जो मस्ती कर रहे है, उसकी वजह
से वो हंस रही है और फिर उसने पाईप मेरे लंड की तरफ किया और लंड पर पानी
मारने लगी, जिसकी वजह से मेरा लंड और भी तन गया. तभी उसने मुझे मेरे लंड की
तरफ इशारा किया और वो हंसने लगी.
फिर मैंने जब नीचे देखा तो मेरे शरीर पर अंगोछा था ही नहीं और
फिर में जानबूझ कर ऐसे ही नहाने लगा, उसने पानी भरा और मोटर बंद को कर दिया
और वो दोबारा अपने कपड़े धोने लगी. फिर में नहाकर कमरे में ऐसे ही चला गया
और उसे आवाज़ देकर कहा कि मुझे कोई टावल दे दो पानी साफ करने के लिए. तभी
वो अंदर आ गई और उसने मुझे अपनी चुन्नी दे दी, में उसकी चुन्नी लेकर सबसे
पहले अपने लंड को साफ करने लगा, वो वहीं पर खड़ी हुई थी. मैंने उसे अपने
पास बुलाया तो वो आ गई.
अब मैंने उसे एकदम से गले लगा लिया तो वो मुझसे कहने लगी कि
छोड़ो कोई हमें देख लेगा अब छोड़ दो. फिर मैंने उससे कहा कि हमें यहाँ पर कौन
देखेगा? हम दोनों के अलावा यहाँ पर कोई नहीं है. फिर क्यों तुम इतना डरती
हो और अब में उसे चूमने लगा और उसके गालो को, आँखो को और होंठो को उसके हाथ
पकड़कर मैंने अपने लंड पर लगाए, वो अब बहुत धीरे धीरे मेरा लंड सहलाने
लगी.
मैंने उससे पूछा कि कैसा लगा मेरा लंड? तो वो शरमाने लगी. मैंने
कहा कि बताओ, लेकिन वो अब भी बिना कुछ बोले लंड को लगातार हिलाती रही. अब
में नीचे झुका और मैंने उसकी मेक्सी को ऊपर किया और देखा कि उसने अंदर कुछ
नहीं पहना हुआ था.
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मैंने अब उसकी हल्की गुलाबी, गीली चूत को देखकर मदहोश होने लगा
और मैंने उस पर जीभ फेरना शुरू किया और वो सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने
लगी कि आप यह क्या कर रहे हो? उह्ह्हह्ह्ह्ह स्स्ईईईइ उफफ्फ्फ्फ़ अब दूर हटो
कोई आ जाएगा.
दोस्तों मैंने सही मौका देखकर उसकी गांड को पकड़ लिया और अपनी
जीभ को चूत के अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से वो अब और भी ज़ोर से लंबी लंबी
सिसकियाँ लेने लगी, वो अब तक बहुत गरम हो चुकी थी और अब वो अपने दोनों
पैरों को खोलकर मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी और फिर उसके कुछ देर बाद
अपना एक पैर उठाकर मेरे कंधे पर रख दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत पूरी तरह
से खुल गई और में अब अपनी जीभ को थोड़ा ज्यादा अंदर तक डालने लगा और वो
मचलने लगी और मुझसे कहने लगी उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह हाँ थोड़ा और तेज़ करो
और आईईईईई हाँ और ज़ोर से अंदर डालो, अब मेरा निकलने वाला है और तेज़ यह
कहते कहते वो मेरे मुहं पर झड़ गयी.
फिर में कुछ देर उसकी चूत को चाटकर उठा और मैंने उससे कहा कि अब
तुम मुझे प्यार करो, उसने मुझे चारपाई पर बैठा दिया और वो खुद नीचे घुटनों
के बल बैठकर पहले तो वो लंड को चूमती रही.
फिर वो धीरे धीरे चाटने लगी, जिसकी वजह से में तो बिल्कुल पागल
ही हो गया था और उसके बालों पर हाथ फेरता रहा और वो लंड को अपने मुहं में
लेने लगी और बहुत देर तक चूसती रही, लंड को वो लोलीपोप की तरह चूस रही थी,
लेकिन अब में भी झड़ने वाला था तो मैंने उससे कहा कि अब झड़ रहा हूँ तो उसने
अपना सर हिलाकर मुझसे हाँ कहा और में अब उसके मुहं को हल्के हल्के धक्के
देकर चोदने लगा.
फिर मैंने उससे कहा कि में झड़ने वाला हूँ और वो यह बात सुनकर
अब और भी ज़ोर ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगी. मैंने उसके बालों को बहुत टाईट
पकड़ लिया और उसके मुहं में झड़ने लगा.
उसने मेरी आँखो में देखकर मेरा सारा गरम गरम वीर्य अपने मुहं
में ले लिया और उसने मुझे आँख मारी, लेकिन दोस्तों उसने वीर्य की एक भी
बूँद को बाहर नहीं गिरने दिया, वो पूरा का पूरा वीर्य गटक गई और फिर लंड को
चाट चाटकर साफ करने लगी.
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फिर मैंने उससे कहा कि अब हम इसके आगे का काम कब करेंगे? तो
उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि सब्र का फल बहुत मीठा होता है, थोड़ा सब्र
करो बहुत जल्दी में तुम्हें वो मज़ा भी दूंगी, वैसे भी मुझे ऐसा ही दमदार
लंड लेना बहुत अच्छा लगता है, में इसका बहुत समय से इंतजार कर रही थी, यही
वो लंड है जो मेरी प्यासी चूत को शांत करेगा और मुझे वो सुख देगा, जिसके
लिए में इतने सालों से तड़प रही हूँ.
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दोस्तों वो मुझसे यह बात कहकर हंसती हुई बाहर चली गई और दोबारा
अपने कपड़े धोने लगी और में बेड पर लेटकर उसके बारे में सोचता रहा. कुछ देर
बाद मैंने उठकर अपने कपड़े पहने और उस पल का बड़ी बेसब्री से इंतजार करने
लगा. दोस्तों यह थे मेरे साले की सेक्सी पत्नी के साथ बिताए मेरे कुछ पल,
जिनमें मैंने उसके साथ बहुत जमकर मज़े किए.

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